SBM-G पोर्टल(स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण पोर्टल )
SBM-G पोर्टल की प्रमुख विशेषताएं
भारत एक विशाल और विविधताओं से भरा देश है, जहां आज भी एक बड़ी जनसंख्या ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करती है। स्वच्छता, स्वास्थ्य और पर्यावरणीय सुरक्षा किसी भी समाज की आधारभूत आवश्यकताएं होती हैं। लंबे समय तक भारत में ग्रामीण स्वच्छता की स्थिति चिंताजनक रही है। इसी समस्या के समाधान हेतु वर्ष 2014 में भारत सरकार द्वारा "स्वच्छ भारत मिशन" की शुरुआत की गई। इस मिशन को दो भागों में विभाजित किया गया – स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) और स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण)।
ग्रामीण क्षेत्रों में इस अभियान को प्रभावशाली रूप से लागू करने, निगरानी करने और प्रगति को रिकॉर्ड करने के लिए एक विशेष डिजिटल मंच विकसित किया गया है
जिसे स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण पोर्टल (SBM-G Portal) कहा जाता है। यह पोर्टल मिशन की पारदर्शिता, जवाबदेही और कार्यान्वयन की गति को सुनिश्चित करता है।
स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण (SBM-G) का उद्देश्य
स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण भारत को खुले में शौच से मुक्त (Open Defecation Free - ODF) बनाना और वहां स्वच्छता की आदतों को बढ़ावा देना है। इसका लक्ष्य न केवल शौचालय निर्माण तक सीमित है, बल्कि यह व्यक्तिगत, घरेलू, सामुदायिक और सार्वजनिक स्वच्छता को समग्र रूप से सुधारने की दिशा में कार्य करता है।
SBM-G पोर्टल की भूमिका
SBM-G पोर्टल, भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय के अंतर्गत काम करता है। यह पोर्टल विभिन्न कार्यों के लिए उपयोग में लाया जाता है:
डेटा एंट्री और रिपोर्टिंग:
ग्राम पंचायत स्तर से लेकर राज्य स्तर तक स्वच्छता से संबंधित आंकड़ों को इस पोर्टल पर दर्ज किया जाता है। इसमें शौचालय निर्माण, व्यवहार परिवर्तन, ठोस और तरल अपशिष्ट प्रबंधन जैसी सूचनाएं शामिल होती हैं।निगरानी एवं मूल्यांकन:
यह पोर्टल निगरानी की दृष्टि से अत्यंत उपयोगी है। इससे सरकार को यह जानकारी मिलती है कि किन क्षेत्रों में काम तेजी से हो रहा है और कहां पर सुधार की आवश्यकता है।पारदर्शिता:
SBM-G पोर्टल पूरी तरह पारदर्शी है। आम नागरिक भी पोर्टल पर जाकर यह देख सकते हैं कि उनके गांव में कितने शौचालय बने हैं, कौन-से गांव ODF घोषित हुए हैं आदि।प्रशिक्षण और जागरूकता:
पोर्टल पर स्वच्छता से संबंधित गाइडलाइन, मॉड्यूल और जागरूकता सामग्री भी उपलब्ध कराई जाती है जो पंचायत प्रतिनिधियों, स्कूलों और ग्रामीण समुदाय को शिक्षित करने में मदद करती है।
SBM-G पोर्टल की प्रमुख विशेषताएं
ODF स्टेटस मॉनिटरिंग:
यह सुविधा दिखाती है कि कौन-से गांव, ब्लॉक, या जिले ODF घोषित हो चुके हैं।शौचालय निर्माण प्रगति रिपोर्ट:
पोर्टल पर राज्यवार, जिला और ब्लॉक स्तर पर शौचालय निर्माण की अद्यतन रिपोर्ट उपलब्ध रहती है।नागरिक रिपोर्टिंग प्रणाली:
नागरिक अपनी समस्याएं, सुझाव या असंतोष सीधे पोर्टल पर दर्ज कर सकते हैं।डेटा विज़ुअलाइज़ेशन टूल:
इसमें इन्फोग्राफिक्स, चार्ट और नक्शों के माध्यम से डेटा को सरल और प्रभावी रूप में प्रस्तुत किया जाता है।Mobile App Integration:
SBM-G पोर्टल से जुड़ा एक मोबाइल एप्लिकेशन भी है जिससे फील्ड ऑफिसर मौके पर ही डेटा दर्ज कर सकते हैं।
SBM-G पोर्टल की तकनीकी विशेषताएं
डैशबोर्ड इंटरफेस: उपयोगकर्ता के अनुकूल डैशबोर्ड जिससे ग्राम स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक की निगरानी संभव है।
लॉगिन सिस्टम: पंचायत अधिकारी, ब्लॉक स्तर के अधिकारी एवं राज्य अधिकारी के लिए अलग-अलग लॉगिन प्रोफाइल बनाए गए हैं।
API Integration: पोर्टल को अन्य सरकारी योजनाओं जैसे MGNREGA, PMAY आदि से जोड़ा गया है।
रियल टाइम अपडेट: फील्ड से सीधे डेटा अपलोड कर वास्तविक समय में प्रगति को देखा जा सकता है।
स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण की उपलब्धियां (2024 तक)
ODF भारत:
2 अक्टूबर 2019 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को ODF घोषित किया। यद्यपि कुछ क्षेत्रों में अभी भी चुनौतियां शेष हैं, फिर भी यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि रही।11 करोड़ से अधिक शौचालय निर्माण:
SBM-G पोर्टल के अनुसार अब तक 11 करोड़ से अधिक घरेलू शौचालय बनाए जा चुके हैं।600+ जिलों का ODF+ दर्जा:
ODF+ का अर्थ है कि न केवल खुले में शौच की समस्या समाप्त हुई है बल्कि अपशिष्ट प्रबंधन और स्वच्छता की आदतें भी विकसित हो चुकी हैं।
चुनौतियाँ
हालांकि SBM-G पोर्टल की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, परंतु इसके समक्ष कुछ चुनौतियाँ भी हैं:
डेटा की गुणवत्ता:
कुछ क्षेत्रों में दर्ज किए गए आंकड़े वास्तविकता से मेल नहीं खाते। कभी-कभी आंकड़े केवल लक्ष्य पूर्ण करने के लिए भर दिए जाते हैं।तकनीकी साक्षरता की कमी:
ग्रामीण स्तर पर कुछ पंचायत प्रतिनिधियों को पोर्टल के सही उपयोग की जानकारी नहीं होती।इंटरनेट कनेक्टिविटी:
कई दूरदराज के क्षेत्रों में इंटरनेट की असुविधा के कारण समय पर डेटा अपडेट नहीं हो पाता।व्यवहार परिवर्तन की चुनौती:
केवल शौचालय निर्माण से समस्या हल नहीं होती, बल्कि लोगों को उनके नियमित प्रयोग के लिए प्रेरित करना भी जरूरी है।
सरकार द्वारा किए गए सुधार
इन चुनौतियों के समाधान हेतु सरकार ने कई कदम उठाए हैं:
डिजिटल प्रशिक्षण कार्यक्रम: ग्राम प्रधानों, पंचायत सचिवों और स्वयंसेवकों को नियमित रूप से डिजिटल प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
ग्रामीण जागरूकता अभियान: ‘स्वच्छता ही सेवा’, ‘ग्राम स्वच्छता सप्ताह’ जैसे अभियानों द्वारा जनभागीदारी को बढ़ाया जा रहा है।
पुन: सर्वेक्षण अभियान: समय-समय पर गांवों का पुनः सर्वेक्षण कर आंकड़ों की पुष्टि की जाती है।
भविष्य की दिशा
स्वच्छ भारत मिशन - ग्रामीण के दूसरे चरण (SBM-G Phase II) में ODF+ और ODF++ गांवों की स्थापना पर बल दिया जा रहा है, जिसमें शामिल हैं:
ठोस और तरल अपशिष्ट प्रबंधन
स्वच्छता बनाए रखने के लिए व्यवहार परिवर्तन
स्वच्छ स्कूल और आंगनवाड़ी
प्लास्टिक अपशिष्ट का प्रबंधन
SBM-G पोर्टल को भी इन उद्देश्यों के साथ अद्यतन किया गया है ताकि अगली पीढ़ी के स्वच्छता मानकों को सुनिश्चित किया जा सके।
निष्कर्ष
स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण पोर्टल न केवल एक डिजिटल उपकरण है, बल्कि यह भारत सरकार की स्वच्छता क्रांति का आधार स्तंभ भी है। यह पोर्टल नीतियों को जमीन पर लागू करने, निगरानी करने और जनता के साथ संवाद बनाए रखने का एक आदर्श माध्यम है। जैसे-जैसे भारत डिजिटलीकरण की ओर अग्रसर हो रहा है, वैसे-वैसे SBM-G पोर्टल की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण होती जा रही है।
ग्रामीण भारत की स्वच्छता का भविष्य इस बात पर निर्भर करता है कि हम केवल बुनियादी ढांचे तक सीमित न रहकर व्यवहार में बदलाव लाएं, और यह तभी संभव है जब हर नागरिक इस मिशन का भागीदार बने। स्वच्छता केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं बल्कि सामाजिक उत्तरदायित्व है – और SBM-G पोर्टल इसी जनभागीदारी को एक डिजिटल मंच प्रदान करता है।
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